What Our Clients Say

  • Shri Suresh Bharadwaj, Astrologer of Ulhasnagar met me today and predicted some events. I am convinced that he is a very good Predictor. I wish him success in his life.

    -S.M. Shangari

  • I am overwhelmed by the guidance of Suresh Sir. Thank you.

    -Ashok Bajaj


वर्षफल ● Year 2018 – Take a look ●

••••••• यह वर्ष पिछले वर्ष से बेहतर होगा – इसमें कोई संदेह नही है । जहां पिछले वर्ष निराशाजनक स्थितियों का निर्माण हुआ और उन्नति की आशायें धूमिल दिखी वहीं ये वर्ष नई आशाएं को जन्म देगा और उन्नति के नए मार्ग प्रकट होकर उत्साह जगायेगा । हालांकि वर्ष का आरंभ पिछले वर्ष की कमियों को दूर करने में गुजरेगया और खाली हुई जगहों को भरने में गुजरेगा ।
मार्च के आरंभ तक पहले वाली निराशाएँ कम होंगी और नए लेन देन तथा नए व्यवहारिक रिशतों का निर्माण होगा । व्यापार व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी और छोटे छोटे उद्योगों को पनपने का अवसर मिलेगा । हालांकि – यह ध्यान रखना होगा कि दुनिया बुद्धिमता और व्यापारिक उन्नति की दिशा में अग्रसर है और आने वाले वर्षोओं में इसमें और तीव्रता आने वाली है । इसलिए सरलता और सहजता की आशा रखना उचित नीति नही होगी तथा रिश्ते भी शुष्क और निराशाजनक परिणाम देंगे ।
अधिकतम लाभ की आशा में छोटे से छोटा आदमी लगा हुआ है और बड़े से बड़े देश लगे हुए हैं । जब लाभ सीमित होने लगे और उसको पाने वाले बढ़ने लगे तो छोटे से छोटा आदमी अवसर का लाभ लेने से नही चूकता – चाहे इसके लिए दूसरा आदमी धोके का शिकार ही क्यों ना हो जाये । इसी तरह बड़े से बड़ा देश अगर अपने लाभ को अरजित करने से चुकने लगता है तो उसका अगला कदम युद्ध की दिशा में बढ़ने लगता है । इस तरह दुनिया में कई शक्ति स्तम्भ उभर आये हैं और तोल ठोककर दुनिया के सीमित लाभ पर अपना अधिकार जता रहे हैं ।
फलस्वरूप – कई देश तनाव की ओर बढ़ चले हैं और यह आने वाले समय में और बढ़ने वाला है । यह युद्ध के संकेत हैं और यह यद्ध 2018 या 2019 में तय है । जब जब शनि वक्री होगा – खतरा बढ़ जाएगा क्योंकि पिछले दो विश्वयुद्ध शनि के वक्री होने के दौरान ही हुए थे । मार्च 2018 से सितम्बर 2018 के दौरान दुनिया युद्ध की आशंका से ग्रस्त होगी । युद्ध का देवता मंगल – इस वर्ष मई 2018 से अक्टूबर 2018 तक अपनी उच्च राशि मकर में है । मंगल का छः महीने तक अपनी उच्च राशि में संचार करना युद्ध का बिगुल बजाने जैसा है । इन सारी शंकाओ और आसंकाओ के बीच व्यापर को धक्का लगेगा और जहां वर्ष के आरंभ हम आशा कर रहे थे कि अब कुछ नही होगा तो मई के बाद व्यापार व्यवसाय के उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं तथा शेयर मार्केट भी अपनी अभूतपूर्व थरथराहट से गुजरेगा । लेकिन दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ने वाली है और भारत को आर्थिक शक्ति के अलावा सैन्य शक्ति भी मान लिया जाएगा ।
पाकिस्तान की साख कम हो जाएगी और प्राकृतिक आपदाएं पाकिस्तान की हालत खराब कर सकती हैं । फिर भी – दुनिया में हिंसा कम नही होने वाली हैं और इसमें आक्रमता तथा शत्रुता के बढ़ने के संकेत हैं । लोगों को अपनी ऊर्जा तथा देशों को अपनी शक्ति रचनात्मक कार्योओं में खर्च करनी चाहिए अन्यथा आगे जब मौसम का बदलाव ऊर्जा अथवा शक्ति की मांग करेगा तो लोग और देश रोगोँ से झूझ रहे होंगे ।
वर्ष के मध्य से प्लास्टिक और कपड़े का कार्य करने वाले सजग रहें । प्लास्टिक और कपड़ों का व्यापार सरकारी नीतियों के चलते मंदी कि मार झेल सकता है । हालांकि बने बनाये घरो की बिक्री में तेजी आ सकती है और ऐसे लगेगा कि प्रॉपर्टी का व्यवसाय मंडी की मार से उबर आया है । जो अपना घर बेचना चाहते हैं अथवा उन्हें कोई प्रस्ताव इस संबंध में मिला है तो उन्हें अवसर का लाभ उठा लेने चाहिए । इलेक्ट्रॉनिक्स में तीव्रता रहेगी, प्रदर्शन से संभंधित व्यवसाय में तेजी रहेगी और सरकारी तंत्र हरकत में रहेगा । बुद्धिमानी से ज्यादा शक्ति सक्रिय रहेगी परंतु दूरगामी सोच और दूरदृष्टि भी संतुष्टि प्रकट करेगी ।
धर्म कर्म और संतजनों की स्थिति में सुधार होगा तथा इनकी साख बढ़ेगी । नाबालिग कन्याओं के संबंध में कोई कानून बनेगा अथवा इनसे संबंधित ऐसी कोई घटना घट सकती है जो सबका ध्यान आकर्षित करेगी । किसान अपनी खेती को लेकर चिंतित होंगे और प्राकृतिक आपदाओं के अलावा सरकारी तंत्र भी उनकी समस्याओं को बढ़ायेगा ।
दक्षिण दिशा इस समय के दौरान बलवान सिद्ध होगी और इसी के चलते दक्षिण कोरिया बलवान स्थिति में हीग और उत्तर कोरिया को मुंह की खानी पड़ सकती है । उत्तर दिशा निर्बल सिद्ध होगी इसी के चलते उत्तर दिशा में प्राकृतिक आपदाएं और सरकारी दमन के संकेत मिल सकते हैं ।
कंप्यूटर का काम करने वाले लोग, सॉफ्टवेयर का काम करने वाले लोग तथा ऐसी ही कंपनियां और संचार से जुड़े लोग तथा कंपनियां वर्ष के मध्य में मंदी की मार का शिकार हो सकते हैं और इससे बेरोजगारी बढ़ सकती है । इस वर्ष व्हाट्सएप्प, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया से भी लोग ऊब जाने वाले हैं और कोफ्त महसूस करेंगे ।
सितंबर तक उपरोक्त बातों में तीव्रता रहेगी और उसके बाद कुछ सरलता और सहजता प्रकट होने लगेगी । जो लोग नए व्यापार, नई योजनाएं और नए काम की तलाश में हैं – उन्हें सितम्बर से अपने प्रयास और कार्य आरंभ करने चाहिए । जो लोग वर्ष के आरंभ में प्रयास और अपनी योजनाओं पर कार्य कर रहे थे तथा बीच में अटक गए थे उन्हें भी सितंबर से अपने प्रयास और कार्य फिर से आरंभ करने चाहिए ।
वर्ष का अंत आते आते सबकुछ ठीक होना आरम्भ हो जाएगा और भविष्य की राह आसान होने लगेगी । जोश का प्रवाह पुर्ण हो चुका होगा और अब होश की बातें होने लगेगी । अगर हम सारे वर्ष का लेखा जोखा करें तो सारा वर्ष शक्ति और बुद्धिमानी के औसत से अपना फल प्रस्तुत करता है । बुद्धिमानी वो – जो तुरंत निर्णय करने में असमर्थ सिद्ध होगी और शक्ति वो – जो हर हाल में जीत चाहती है । कुछ व्यवहार से, कुछ लेन देन से और कुछ चमक दमक से शक्ति को नियंत्रित किया जा सकेगा तथा कुछ दूरगामी सोच और कुछ दूरदृष्टि से बुद्धिमानी की कमी को दूर किया जा सकेगा ।
इस तरह जो बुद्धिमान लोग होंगे और जो बुद्धिमान देश होंगे वो इस संतुलन को साधकर समय का सतुपयोग कर लेंगे । बाकी लोगों और देशों का ईश्वर भला करेगा । हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं – यह वर्ष आपका मंगलमय हो ।



सुरेश भारद्वाज – उल्हासनगर, मुम्बई.